
“क्षेत्रीय सुरक्षा , शांति और सहयोग की प्रबल संभावना – चीथड़ों में लिपटी पाकिस्तान की राष्ट्रीयता “
—गोलोक विहारी राय
पिछले कुछ वर्षों में, जहां पाकिस्तान में जातीय, नस्ली, क़ौमी भेदभाव और अन्यायपूर्ण भिन्नता के कारण क्षेत्रीय भाषायी पहचान अस्मिता और राष्ट्रीय मुक्ति की संघर्ष की आवाजों की गतिशीलता बढ़ी वहीं पाकिस्तान को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है, जिसने राजनीतिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर उसकी प्रगति और स्थिरता में बाधा उत्पन्न की। इन मुद्दों का देश और वहाँ के लोगों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। राजनीतिक रूप से, पाकिस्तान ने कई राजनीतिक उथल-पुथल का अनुभव किया, जिसमें सरकार में बार-बार बदलाव, सैन्य हस्तक्षेप और एक जटिल नागरिक-सैन्य संबंध...